
*बस्ती: मुण्डेरवा में पैसों के लेनदेन को लेकर मारपीट, 4 पर मुकदमा दर्ज*
*मरवटिया बाबू गांव की घटना, थाना मुण्डेरवा में बीएनएस-भादवि की धाराओं में केस*
बस्ती। मुण्डेरवा थाना क्षेत्र के मरवटिया बाबू गांव में पैसों के लेनदेन को लेकर मारपीट और धमकी का मामला सामने आया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर 4 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता श्रीमती इन्द्रसती पत्नी ज्ञानदास निवासी मरवटिया बाबू के अनुसार 5 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे पैसों की लेनदेन की बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि चन्दन पुत्र रामदेव, दिवाकर पुत्र रामदेव, सोहनलाल पुत्र रामभारत उर्फ राजू और रामदेव पुत्र रामलाल ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में बताया गया है कि मारपीट शिकायतकर्ता के साथ उनकी लड़की जानकी देवी और नतनी करीना के साथ भी की गई।
थाना मुण्डेरवा में बीएनएस की धारा 115(2), 352, 351(3) और भादवि की धारा 323, 504, 506 के तहत मुकदमा संख्या 181/2026 पंजीकृत किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक श्री प्रमोद कुमार नायक कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित पक्ष के बयान और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
*मरवटिया बाबू गांव की घटना, थाना मुण्डेरवा में बीएनएस-भादवि की धाराओं में केस*
बस्ती। मुण्डेरवा थाना क्षेत्र के मरवटिया बाबू गांव में पैसों के लेनदेन को लेकर मारपीट और धमकी का मामला सामने आया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर 4 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता श्रीमती इन्द्रसती पत्नी ज्ञानदास निवासी मरवटिया बाबू के अनुसार 5 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे पैसों की लेनदेन की बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि चन्दन पुत्र रामदेव, दिवाकर पुत्र रामदेव, सोहनलाल पुत्र रामभारत उर्फ राजू और रामदेव पुत्र रामलाल ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में बताया गया है कि मारपीट शिकायतकर्ता के साथ उनकी लड़की जानकी देवी और नतनी करीना के साथ भी की गई।
थाना मुण्डेरवा में बीएनएस की धारा 115(2), 352, 351(3) और भादवि की धारा 323, 504, 506 के तहत मुकदमा संख्या 181/2026 पंजीकृत किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक श्री प्रमोद कुमार नायक कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित पक्ष के बयान और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।




